मानवता एक सागर की तरह है, यदि सागर की कुछ बूंदे खराब हैं तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता है। – मोहनदास गांधीकहा गांधीजी ने, कुछ लोगो ने साबित किया । इसमें मनोज बाजपाई और उनके मित्र की कर्ज़े की बात हो या फिर बिज़नेस राइवल कंपनी ने...
यहाँ आज के ब्लॉग मे मैं जो बात… आज करने वाला हूँ वो दो अलग-अलग incidents है वैसे तो यह दोनों घटनएं बहोत आम है लेकिन मुझे लगा शायद इसके बारे में कुछ लिखना चाहिए उनमे से एक है अभी कुछ दिन पहले… मेरी मौसी एक रिक्शा से कहीं...
लगान मूवी का वो डायलॉग याद है ? तीन गुना लगान देना पड़ेगा ?? आप सभीने ये डायलॉग देखा होगा और मेरी तरह उस accent में बोलने की कोशिश भी की होगी मेरे पिताजी एक कहवत की लाइन अक्सर कहते है जो बोये पेड़ बबुल के… तो आम कहा...